पृथ्वीराज कपूर ने सिर्फ एक रुपये में साइन की थी ‘मुगल-ए-आजम’
- प्रदीप सरदाना वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्म विश्लेषक पृथ्वीराज कपूर एक ऐसे अभिनेता थे जिन्होंने फिल्मों में एक ऐसे कपूर खानदान की स्थापना की जो आगे चलकर फिल्म संसार का सबसे बड़ा और सबसे लोकप्रिय खानदान बन गया। पृथ्वीराज के तीनों बेटे राज कपूर , शम्मी कपूर और शशि कपूर के बाद , रणधीर , ऋषि और राजीव आए तो अब उनकी चौथी पीढ़ी से रणबीर कपूर इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। मूक सिनेमा के दौर से ही अपना फिल्म करियर शुरू करने वाले पृथ्वीराज जब 1929 में 23 साल की उम्र में लायलपुर से मुंबई आए थे तब कोई सोच भी नहीं सकता था कि उनका परिवार एक दिन फिल्मी दुनिया में राज करेगा। करीब 10 मूक फिल्में करने के बाद पृथ्वीराज को देश की पहली सवाक फिल्म ‘ आलमआरा ’ मिल गयी थी। इसके बाद इस महान अभिनेता ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। बड़ी बात यह थी कि पृथ्वीराज ने रंगमंच को भी अत्यंत महत्व दिया। सन 1944 में उन्होंने पृथ्वी थिएटर की स्थापना करके देश भर में रंगमंच संस्कृति से क्रान्ति कर दी। देश के 100 से अधिक शहरों में पृथ्वीराज ने अपने शकुंतला , दीवार , पठान और पैसा जैसे नाटकों के हजारों शो किए। उधर इनकी...