कुछ पाकर खोना है कुछ खो कर पाना है- संतोष आनंद
सुप्रसिद्द गीतकार संतोष आनंद के जन्म दिवस 5 मार्च पर विशेष - प्रदीप सरदाना वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्म समीक्षक संतोष आनंद देश के वरिष्ठ कवि होने के साथ ऐसे गीतकार भी हैं कि कभी फिल्मों में उनके नाम का सिक्का चलता था। मनोज कुमार और राज कपूर जैसे फ़िल्मकार तो संतोष आनंद की प्रतिभा के कायल थे। आज वह फिल्मों में गीत नहीं लिख पा रहे , लेकिन उनके 40-50 साल पहले आए कई गीत -एक प्यार का नगमा है , पुरबा सुहानी आई रे , ज़िंदगी की न टूटे लड़ी , ये गलियाँ ये चौबारा , चना ज़ोर गरम और ये आन तिरंगा है , जैसे उनके गीत आज भी काफी लोकप्रिय हैं। उन्हें फिल्म ‘ रोटी कपड़ा और मकान ’ के गीत –मैं न भूलूँगा और ‘ प्रेम रोग ’ के गीत ‘ मोहब्बत है क्या चीज़ , के लिए दो बार सर्वश्रेष्ठ गीतकार का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद में जन्मे संतोष आनंद का आज 82 वां जन्म दिन है। उनका यह जन्म दिन बेहद खास इसलिए भी बन गया है क्यों कि करीब 15 दिनों से वह सुर्खियों में हैं। गत 21 फरवरी को जब आनंद सोनी चैनल के ‘ इंडियन आइडल ’ में मंच पर आए तो उनकी बातों-जज़्बातों ने सभी को रुला दिया। प्रसिद्द गायिक...