आरके की यादगार होली
- प्रदीप सरदाना वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्म समीक्षक हमारी फिल्म इंडस्ट्री में जब भी होली की चर्चा होती है तो सबसे पहले आरके की होली की बात होती है , जिसको फ़िल्मकार राज कपूर इतनी भव्यता से , इतने दिल से मनाते थे कि बरसों बाद भी उस होली को भुलाया नहीं जा सका है। हालांकि , अब न राज कपूर हैं , न राज कपूर के स्टूडियो की भव्य होली और न ही वह आरके स्टूडियो , जहां की होली का इंतज़ार पूरी फिल्म इंडस्ट्री साल भर करती थी। उस होली की यादें अभी भी खूबसूरत हैं। होली के दिन राज कपूर अपने स्टूडियो में जिनको भी आमंत्रित करते थे , वे सब प्रतिष्ठित व्यक्तियों की श्रेणी में आ जाते थे। बड़े से बड़े हीरो-हीरोइन आरके स्टूडियो के रंग भरे टब में डुबकी लगाकर खुद को धन्य समझते थे। फिल्मी हस्तियां वहां नाचती-गाती थीं। लेकिन अब यादें रह गयी हैं। आरके स्टूडियो ही नहीं रहा। कपूर परिवार ने आरके स्टूडियो को बेच दिया था। वहां के नए स्वामी ने बुलडोजर चलवाकर वहां नए भवन का निर्माण कर दिया है। असल में यूं तो आरके स्टूडियो की रंगभरी शानदार होली की बिदाई तभी हो गयी थी , जब राज कपूर ने 2 जून 1988 को इस दुनिया को ...