द्रौपदी के राष्ट्रपति प्रत्याशी बनने से संकट में विपक्ष
- प्रदीप सरदाना वरिष्ठ पत्रकार एवं विश्लेषक भारतीय जनता पार्टी-राजग ने जानी मानी आदिवासी महिला नेता द्रौपदी मुर्मु को राष्ट्रपति चुनाव में , अपना प्रत्याशी बनाकर , किसी आदिवासी को राष्ट्रपति बनाने की राह प्रशस्त कर दी है। साथ ही भाजपा के इस कदम से समूचा विपक्ष भी सकते में आ गया है। विपक्ष कुछ देर पहले यशवंत सिन्हा को अपना राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाकर , अपनी संयुक्त विपक्ष की एकता का दम भर रहा था। लेकिन द्रौपदी मुर्मु के आने से अब विपक्ष के सामने बड़ा धर्म संकट खड़ा हो गया है। पिछले कुछ बरसों में कुछ लोग यह इच्छा जताते रहे हैं कि भारत में अब किसी आदिवासी को राष्ट्रपति बनाना चाहिए। क्योंकि भारत के इस शिखर पद पर दो बार दलित , तीन बार मुस्लिम , एक बार सिख और एक बार महिला सहित भारत के पूर्व , पश्चिम , उत्तर , दक्षिण के व्यक्ति राष्ट्रपति बनते रहे हैं। लेकिन आदिवासी समुदाय से अभी तक कोई राष्ट्रपति नहीं बना। अब यदि विपक्ष द्रौपदी मुर्मु का समर्थन न करके यशवंत सिन्हा के साथ खड़ा रहता है तो इससे यही संदेश जाएगा कि विपक्ष आदिवासियों के कल्याण और उत्थान की तो बहुत बातें कर...