पति जेठा लाल के संकट में भी घर नहीं लौटी दया
- प्रदीप सरदाना वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्म समीक्षक इधर पिछले कुछ दिनों से सब टीवी के सर्वाधिक लोकप्रिय सीरियल ‘ तारक मेहता का उल्टा चश्मा ’ में एक कहानी को जिस तरह लंबा खींचा जा रहा है। उससे सभी निराश हैं। सही कहा जाये तो पिछले करीब 13 साल से दर्शकों के दिलों पर राज कर रहा यह सीरियल अब अपनी कहानी ही नहीं अपने उद्देश्य से भी भटक गया है। सीरियल के कथानाक में बार बार , बार बार सपनों को दिखाकर कहानी को कहीं का कहीं ले जाना तो बहुत खटकता ही है। इधर जेठा लाल की दुकान और गाँव की पुश्तैनी ज़मीन बिकने तक की नौबत आ गयी। जेठा लाल का साला सुंदर भी अपने जीजा की इस मुसीबत की घड़ी में अहमदाबाद से मुंबई पहुँच गया। लेकिन अपने पति और परिवार के इस संकट काल में पत्नी दया का कहीं कोई पता नहीं है। वह अभी भी घर नहीं आई। कहानी के अनुसार वह गुजरात में समाज सेवा कर रही है। भला कौन पत्नी होगी जो अपने आदर्श पति और परिवार पर आई इस विपदा में उनके पास न आकर समाज सेवा करती रहेगी। ठीक है दया की भूमिका कर रही अभिनेत्री दिशा वकानी की साढ़े तीन साल बाद भी निर्माता वापसी कराने में असमर्थ रहे हैं। न ही वह ...