मखमली आवाज़ के स्वामी एस पी बालासुब्रमण्यम
- प्रदीप सरदाना
अपनी दिलकश और मखमली आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले सुप्रसिद्द गायक एसपी बालासुब्रमण्यम के निधन से, सभी संगीत प्रेमी दुखी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपना शोक प्रकट करते हुए कहा- एसपी बालासुब्रमण्यम के दुर्भाग्यपूर्ण निधन से हमारी सांस्कृतिक दुनिया को काफी नुकसान हुआ है।
गत
5 अगस्त को कोरोना की चपेट में आने के बाद
से एसपी का चेन्नई के एमजीएम अस्पताल में उपचार चल रहा था। लेकिन
लाख दुआओं और बहुत सी कोशिशों के बाद भी वह ठीक नहीं हो सके। 25 सितम्बर को जब उनके दिल ने भी काम करना बंद कर दिया
तो दोपहर करीब
एक बजे 74 वर्षीय एस पी ने अंतिम सांस ली।
एस
पी पिछले पाँच दशकों से गायन- पार्श्व गायन के साथ संगीत निर्देशन और फिल्म
निर्माण यहाँ तक अभिनय की दुनिया से भी जुड़े थे। कभी एसपीबी और कभी बालू के नाम से
भी पुकारे जाने वाले इस महान कलाकार का जन्म 4 जून 1946 को आंध्रप्रदेश के नेल्लोर
में हुआ था।
बालासुब्रमण्यम के बेटे और
फिल्मकार एसपी चरण ने कहा कि उनके पिता के गीत उनके प्रशंसकों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे। उधर
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भी एस पी के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि मैं
एस पी को कई बरसों से जानता था। वह मेरे मूल निवास नैल्लोर से थे। उनका संगीत की
दुनिया के लिए तो अपूर्णीय क्षति है ही मेरे लिए तो यह व्यक्तिगत दुख भी है।उनके
गीतों की असाधारण प्रस्तुतितियाँ हमारे कानों में गूँजती रहेंगी।
अपने
फिल्म करियर में पदमश्री (2001) और पदमभूषण (2011) से सम्मानित होने वाले एसपी को
सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक के रूप में 6 बार राष्ट्रीय पुरस्कार पाने का गौरव मिला।
साथ ही 2016 में भारत सरकार ने उन्हें ‘भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म
समारोह’ गोवा में ‘इंडियन फिल्म
पर्सनेलिटी ऑफ द इयर’ का सम्मान भी प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त
दक्षिण सिनेमा के अपने योगदान के लिए उन्हें 12 बार फिल्मफेयर और 25 बार
प्रतिष्ठित नंदी पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।
हिन्दी
फिल्मों में एस पी को पहली लोकप्रियता सन 1981 में आई फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ के गीतों से मिली। जब कमल हासन की
आवाज़ बनकर उन्होंने ‘तेरे मेरे बीच में’ जैसे गीत गाये। इसके लिए एस पी को हिन्दी गीतों के लिए पहली बार
सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला।
बाद
में ‘सागर’ जैसी कुछ और फिल्मों में
भी कमल हासन के लिए गीत गाये। बाद में जब एस पी ने सलमान खान के पर्दे पर गाये गीतों
को अपनी आवाज़ दी तो वह और भी लोकप्रिय हो गए। फिल्म ‘मैंने
प्यार किया’ ‘साजन’ और ‘हम आपके हैं कौन’ जैसी
फिल्मों में गाये उनके कई गीत लोकप्रियता के शिखर पर पहुंचे,
जिन्हें आज भी भुलाया नहीं जा सका है। जैसे दिल दीवाना, आजा
शाम होने आई, मेरे रंग में रंगने वाली,
कबूतर जा जा (सभी मैंने प्यार किया) पहला पहला प्यार है,
मुझसे जुदा होकर,मौसम का जादू है मितवा, दीदी तेरा देवर दीवाना और हम आपके हैं कौन।
एसपी बालासुब्रमण्यम के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने विभिन्न भाषाओं में करीब 40 हज़ार गीत गाये। यूं भारतीय सिनेमा में एक से एक शानदार गायक हुए हैं लेकिन एस पी की बात ही कुछ और थी।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार, समीक्षक एवं टीवी पैनलिस्ट हैं)

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