अभिनय और अंदाज़ के नए शिखर पर नायिकाएँ



 - प्रदीप सरदाना

वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्म समीक्षक 

हमारे यहाँ अब जिस तरह लगातार महिला प्रधान विषयों पर फिल्में बन रही हैं, वह सब बताता है कि भारतीय सिनेमा अब एक नये युग में प्रवेश कर चुका है। फ़िल्मकार ही नहीं अब दर्शक भी नायक के पुराने आभा मंडल से बाहर निकल कर कुछ नया देख रहे हैं। देखिये न जब एक बरस बाद अब फिर से बड़ी फिल्मों के प्रदर्शन का सिलसिला शुरू हो रहा है तो उनमें भी 5 ऐसी प्रमुख फिल्में हैं जो महिला प्रधान हैं।

पिछले वर्ष कोरोना के चलते शकुंतला देवी और गुंजन सक्सेना जैसी महिला प्रधान फिल्में थिएटर की जगह ओटीटी पर रिलीज होकर भी सुर्खियों में रहीं। वहाँ छपाक तो थिएटर पर ही आई। जब कि उससे पहले 2019 में तो मणिकर्णिका’,‘एक लड़की को देखा’,‘बदला’,‘मिशन मंगल’,‘जोया फ़ेक्टर’,‘द स्काई इज पिंक’,‘सांड की आँख और मर्दानी-2 जैसी फिल्मों ने बता दिया कि हमारी नायिकाएँ किसी से कम नहीं।

इधर इस साल रुही’,‘सायना’,’थलाइवी’,‘गंगूबाई काठियावाड़ी और धाकड़  फिल्में तो नायिकायों को अभिनय और अंदाज़ के नए शिखर पर ले जाएंगी। दिलचस्प यह भी है कि इन 5 फिल्मों में तीन तो विभिन्न महिलाओं की बायोपिक हैं। इस सिलसिले में सबसे पहले 11 मार्च को निर्देशक हार्दिक मेहता की हॉरर कॉमेडी रुही आ रही है। कहानी का ताना बाना एक ऐसी भूतनी के इर्द गिर्द बुना गया है जो हनीमून के दौरान दुल्हन का अपहरण कर लेती है। निर्माता दिनेश विजन और मृगदीप सिंह की रुही में जाहन्वी कपूर, राजकुमार राव,वरुण शर्मा और पंकज त्रिपाठी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म में जाहन्वी का नया अंदाज़ दिलकश है।

उधर 26 मार्च को प्रदर्शित हो रही अमोल गुप्ते की फिल्म सायना’,बैडमिंटन की लोकप्रिय खिलाड़ी सायना नेहवाल के खेल और ज़िंदगी से प्रेरित है। जिसमें परिणीती चोपड़ा ने सायना के अवतार में आने के लिए जी तोड़ मेहनत की है।

जबकि 23 अप्रैल को रिलीज हो रही थलाइवी जयललिता की ज़िंदगी पर है, जिन्होंने पहले एक अभिनेत्री और फिर राजनेत्री के रूप में शानदार पारी खेल एक नया इतिहास लिखा। निर्देशक एएल विजय की हिन्दी, तमिल और तेलुगू फिल्म का बड़ा आकर्षण अभिनेत्री कंगना रानौत हैं। जयललिता के दोनों रूपों में कंगना का अंदाज़ देखते ही बनता है।अरविंद स्वामी इसमें एमजी रामचंद्रन बने हैं तो पूमा शशि कला और भाग्यश्री इसमें जयललिता की माँ संध्या की भूमिका में हैं।

महिला प्रधान फिल्मों में इस साल की सबसे बड़ी फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी है। संजय लीला भंसाली की यह भव्य फिल्म 1960 के दशक की एक ऐसी  कोठेवाली की कहानी है, जिसके नाम का तब मुंबई में सिक्का चलता था। फिल्म में गंगूबाई की भूमिका में आलिया भट्ट ने चार चाँद लगा दिये हैं। जो निश्चय ही आलिया को नयी बुलंदियों पर ले जाएँगे। फिर फिल्म के संवाद भी काफी दमदार हैं।

इसके बाद एक अक्तूबर को रिलीज होने वाली डिटेक्टिव थ्रिलर फिल्म धाकड़ महिला प्रधान फिल्मों में एक नया अध्याय लिखने जा रही है। फिल्म में कंगना रानौत एजेंट अग्नि की ऐसी भूमिका में हैं जिसमें एक्शन और रोमांच अलग ही रंग में है। कंगना ने इस फिल्म के बारे में कहा है –यह भारत की पहली महिला प्रधान जासूसी थ्रिलर फिल्म है। मैं भारतीय सिनेमा के एक नए युग की शुरुआत करने के लिए बेहद उत्सुक हूँ।   

('लोकमत समाचारमें 8 मार्च 2021 को प्रकाशित मेरा लेख कुछ इनपुट्स के साथ)

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