दिलों को छूने लगी है ‘वागले की दुनिया’
- प्रदीप सरदाना
वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्म-टीवी समीक्षक
गत 8 फरवरी को जब सोनी सब चैनल पर ‘वागले
की दुनिया’ का प्रसारण शुरू हुआ तो कुछ आशंकाएँ थीं कि क्या
यह सीरियल अपने पुराने रंग को दिखा पाएगा ! क्या यह पहले की तरह सफल हो पाएगा !
हालांकि यह सच है कि आज के बच्चे और बहुत से युवा यह नहीं जानते कि सन 1988-1990 के दौर में दूरदर्शन पर सीरियल ‘वागले की दुनिया’ का
प्रसारण होता था। तब 'वागले की दुनिया' इतना
पसंद किया गया कि मिस्टर वागले के रूप में अभिनेता अंजन श्रीवास्तव और मिसेज वागले
की भूमिका कर रही भारती अचरेकर घर घर का लोकप्रिय नाम बन गए थे।
उस दौर में सुप्रसिद्द कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण की कहानियों पर बने
इस सीरियल ने आम साधारण परिवार की ऐसी ज़िंदगी दिखाई कि यह सीरियल दर्शकों के दिलों
में उतर गया। लेकिन अब अच्छी बात यह है कि 30 साल बाद फिर से ‘वागले की दुनिया’ की नयी
पीढ़ी के किस्से जहां दर्शकों को गुदगुदा रहे हैं वहाँ दिलों को छू भी रहे हैं।
पहले दूरदर्शन के लिए इसे जहां दुर्गा खोटे प्रॉडक्शन ने बनाया था और
इसका निर्देशन कुन्दन शाह ने किया था। वहाँ इस बार चैनल सोनी सब के लिए इसका
निर्माण 'हैटस ऑफ प्रॉडक्शन' के जमना
दास मजेठिया और निर्देशन आतिश कपाड़िया कर रहे हैं। जो इससे पहले ‘खिचड़ी’, ‘साराभाई वर्सेज़
साराभाई’ और ‘बड़ी दूर
से आए हैं’ जैसे कई सुपर हिट कॉमेडी शो बना चुके हैं।
इस बार 'वागले की दुनिया' में
पहले की तरह इसमें श्रीनिवास वागले की भूमिका में अंजन श्रीवास्तव और राधिका वागले
की भूमिका में भारती अचरेकर तो हैं ही। लेकिन इस बार वह सीनियर वागले हो गए हैं।
इसलिए कहानी का ज्यादा फोकस जूनियर वागले दंपत्ति राजेश वागले और वंदना वागले पर
है। जो श्रीनिवास और राधिका वागले के पुत्र और पुत्रवधू हैं। साथ ही राजेश और
वंदना के दो बच्चे अर्थव और सखी भी मुख्य भूमिकाओं में हैं।
मैंने शुरू में 'वागले की दुनिया' के दो-तीन आधे अधूरे एपिसोड सिर्फ इसलिए देखे कि
मैं 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के एपिसोड को रिकॉर्ड करके अपनी सुविधा अनुसार
कभी देर रात या कभी एक दो दिन बाद देखता हूँ।
'वागले की दुनिया' क्योंकि 'तारक मेहता' के ठीक बाद आता है तो 'वागले कि दुनिया' का शुरू
का एक हिस्सा 'तारक मेहता' के साथ रिकॉर्ड हो
जाता था। क्योंकि हम 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की रिकॉर्डिंग 10 मिनट
आगे तक कर देते थे, जिससे समय के अंतर में 'तारक मेहता' की रिकॉर्डिंग कटे
नहीं, पूरी रिकॉर्ड हो जाये।
क्योंकि मैं 'वागले की दुनिया' के दूरदर्शन प्रसारण को 1988-90 के दौर में देखता था और उसका तब रिव्यू भी करता था। इसलिए इस बार 'वागले की दुनिया' कैसा बना है, यह जानने के लिए 'तारक मेहता' के बाद रिकॉर्ड हुए 'वागले की दुनिया' के कुछ शुरुआती हिस्से देखे।
हालांकि उन दो तीन एपिसोड के कुछ हिस्सों को देख कुछ खास मज़ा नहीं
आया। इसका कारण शायद यही था कि मैं इसकी तुलना 30 साल
पुराने 'वागले की दुनिया' से कर
रहा था और इसके एपिसोड पूरे न देखकर आधे-अधूरे ही देख रहा था। मगर एक दिन अचानक
इसका एक पूरा एपिसोड देखा तो वह अच्छा लगा। इसलिए अब हम इसे भी 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के साथ पूरा रिकॉर्ड करने लगे हैं। और वागले की
यह नयी दुनिया अब दिलचस्प लगने लगी है।
'वागले की दुनिया' की एक यह बात भी अच्छी लगती है कि इसकी ज़्यादातर
कहानियाँ एक ही एपिसोड में पूरी हो जाती हैं।
पिछले दिनों ‘वागले की दुनिया’ के इस नयी पीढ़ी के नए किस्से में सखी की डांस प्रेक्टिस वाला एक एपिसोड तो इतना मर्मस्पर्शी था कि एपिसोड के अंत में आँखों में आँसू ही आ गए। इस एपिसोड में एक मध्यम वर्गीय परिवार के पिता का अपनी युवा होती बेटी की चिंता और उसके दर्द को जिस खूबसूरती और भावुकता के साथ प्रस्तुत किया उसकी तारीफ खुले दिल से बनती है।
इसका कथानक और निर्देशन तो अच्छा रहा ही साथ ही जूनियर वागले राजेश के रूप में सुमित राघवन और उनकी बेटी सखी के रूप में चिन्मयी का अभिनय भी दिलकश रहा। इसे संयोग कहें या कुछ और कि सीरियल में वागले परिवार के सभी 6 प्रमुख कलाकार शानदार अभिनय कर रहे हैं। चाहे वह सीनियर वागले दंपत्ति अंजन श्रीवास्तव और भारती अचरेकर हों या फिर राजेश और उनकी पत्नी वंदना के रूप में अभिनेता सुमित राघवन और अभिनेत्री परिवा प्रणति। ऐसे ही बेटे अर्थव के किरदार में शिहान कपाही और बेटी सखी के रूप में चिन्मयी साल्वी। उम्मीद करते हैं ‘वागले की दुनिया’ आगे भी ऐसे ही खूबसूरत रंगों से महकती रहेगी।
हालांकि अब खबर मिली है कि कोरोना के कहर के चलते 'वागले की दुनिया' की
शूटिंग रुक गयी है। क्योंकि शूटिंग के दौरान 'वागले की दुनिया' के कुछ प्रमुख कलाकारों और टीम के कुछ अन्य सदस्य
कोरोना संक्रमित हो गए हैं।
इसलिए फिलहाल इसके पुराने एपिसोड ही प्रसारित होंगे। हम प्रार्थना
करते हैं कि सभी कलाकार जल्द स्वस्थ हों। कोरोना पर जल्द काबू पाया जा सके। हम सभी
तमाम सावधानियाँ बरतने के साथ सरकार द्वारा जारी किए गए सभी दिशा निर्देशों का
पूरी तरह पालन करें। जिससे जन जीवन सामान्य हो सके। इससे हमारी अपनी दुनिया भी
अच्छी रहेगी और 'वागले की दुनिया' भी जल्द
देखने को मिल सकेगी।
प्रदीप सरदाना
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