प्राण ने रामलीला में सीता बनकर अभिनय में रखा था पहला कदम

प्रदीप सरदाना

वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्म समीक्षक 

मुंबई फिल्म उद्योग में 12 जुलाई ऐसी तारीख है, जिस दिन सिनेमा की तीन बड़ी हस्तियों प्राण,राजेंद्र कुमार और दारा सिंह ने इस दुनिया को अलविदा कहा था। संयोग से ये तीनों पंजाबी अच्छे दोस्त थे और इन्होंने साथ में कई फिल्में भी कीं। राजेन्द्र कुमार का निधन तो 1999 में हो गया था। लेकिन दारा सिंह ने 2012 और प्राण ने 2013 में अपने प्राण त्यागे।

प्राण की बात करें तो उन्हें सदी का खलनायक भी कहा जाता है।अपनी खलनायकी की भूमिकाओं में प्राण ने ऐसे प्राण डाले कि उनके पर्दे पर आते ही बच्चे ही नहीं बड़े भी काँप उठते थे। उनकी सिनेमाई क्रूरता और दहशत इतनी हो गयी थी कि लोगों ने बरसों तक अपने बेटों के नाम प्राण रखने बंद कर दिये थे। ऐसी भी घटनाएँ है कि प्राण जिस होटल-रेस्तरा में खाना खाने जाते थे तो उन्हें देख महिलाएं वहाँ से भाग उठती थीं। लेकिन जब प्राण ने उपकार फिल्म से मलंग बाबा की भूमिका करके अपना खलनायकी का चोला उतारा तो वह  भले आदमी की भूमिकाओं में भी सुपर हिट हो गए।

प्राण का जन्म 12 फरवरी 1920 को दिल्ली में हुआ था। लेकिन जब प्राण ने शुरू में फोटोग्राफी को पेशे को अपनाया तो शिमला में मदन पुरी से मुलाक़ात होने पर प्राण ने रामलीला में सीता बन पहली बार अभिनय की दुनिया में कदम रखा। जबकि लाहौर में फ़िल्मकार पंचौली से उनकी मुलाक़ात हुई तो वह प्राण को अपनी पंजाबी फिल्म यमला जट में हीरो बनाकर रुपहले पर्दे पर ले आए। लेकिन 20 फिल्मों में काम करने के बाद प्राण जब 14 अगस्त 1947 को मुंबई में कदम रखा तो देश आज़ाद होने की घोषणा हों गयी। उसके बाद प्राण जब देव आनंद के साथ जिद्दी फिल्म में खलनायक बनकर आए तो देव और प्राण दोनों हिट हों गए।

दिग्गज अभिनेता प्राण के साथ मेरा एक पुराना चित्र 

अपनी ज़िंदगी में प्राण ने कुल 350 फिल्मों में काम किया। फिल्मों में उनके बड़े योगदान को देखते हुए सरकार ने मई 2013 में उन्हें सर्वोच्च फिल्म सम्मान दादा साहब फाल्के से भी नवाजा।   

यूं प्राण ने अपने दौर के सभी नायकों के साथ काम किया। चाहे त्रिमूर्ती दिलीप कुमार, राज कपूर और देवआनंद हों या फिर धर्मेन्द्र, शम्मी कपूर, राजेश खाना और अमिताभ बच्चन जैसे सितारे। जबकि अशोक कुमार के साथ तो प्राण ने सर्वाधिक 26 फिल्में कीं। अफसाना से विक्टोरिया नंबर 203 तक।

अमिताभ जिस जंजीरसे हिट हुए, यह प्राण की सिफ़ारिश से ही अमिताभ को मिली थी। इस फिल्म में प्राण का शेर खान का रोल भी अमर है। यूं प्राण ने अमिताभ बच्चन के साथ कुल 13 फिल्मों में एक से एक यादगार भूमिका की।  फिल्मों में प्राण और अमिताभ दोनों समय के पाबंद रहे। समय की पाबंदी का सबक भी अमिताभ ने प्राण से ही सीखा।

(प्रसिद्ध समाचार पत्र ‘लोकमत समाचार’ में 12 जुलाई 2021 को प्रकाशित मेरा लेख )     

- प्रदीप सरदाना

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