आज भी याद आती हैं लीना चंदावरकर

लीना चंदावरकर के जन्म दिवस 29 अगस्त पर विशेष 

 - प्रदीप सरदाना

वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्म समीक्षक 

लीना चंदावरकर हिन्दी फिल्मों की एक ऐसी नायिका रही हैं जिनका खूबसूरत अभिनय और दिलकश अंदाज़ सभी को बहुत पसंद रहा। हालांकि लीना का फिल्म करियर मुख्यतः 12 बरस का रहा। लेकिन इतने कम समय में ही लीना ने लगभग 35 फिल्में करके 20 ऐसी यादगार फिल्में दीं, जिससे आज भी वह बहुत याद आती हैं।

बड़ी बात यह है कि लीना चंदावरकर के करियर में उस दौर के कई बड़े नायक उनके साथ काम करने के लिए मचलते थे। उनकी जोड़ी जीतेंद्र,संजीव कुमार, राजेश खन्ना, धर्मेंद्र, विनोद खन्ना और अनिल धवन ही नहीं दिलीप कुमार के साथ भी खूब जमी। यूं लीना ने सुनील दत्त, राज कुमार, बिश्वजीत, विजय आनंद, महमूद और शत्रुघन सिन्हा के साथ भी फिल्में कीं।

असल में लीना को फिल्मों में लाने वाले सुनील दत्त थे। जब दत्त ने 1968 में अपने निर्देशन में पहली फिल्म मन का मीत बनाई तो फिल्मफेयर प्रतियोगिता की खोज लीना को ही उनहोंने नायिका बनाया। मन का मीत रिलीज होते ही लीना अपनी पहली फिल्म से ही रातों रात स्टार बन गईं। उनके पास फिल्मों का ढेर लग गया। व्यस्तता के चलते लीना को कई ऐसी फिल्में छोड़नी पड़ी।  

इस सबके बावजूद लीना ने एक के बाद एक हमजोली,मैं सुंदर हूँ,रखवाला, अनहोनी,मनचली,बिदाई,एक महल हो सपनों का,अपने रंग हज़ार और कैद जैसी कितनी ही हिट फिल्में देकर फिल्म उद्योग में अपने नाम का सिक्का चला दिया। लीना की तारीफ सुन अभिनय सम्राट दिलीप कुमार ने बतौर नायक अपनी अंतिम फिल्म बैराग में भी लीना को लिया। इस फिल्म में दिलीप कुमार के लीना के साथ दो गीतों- सारे शहर में आपसा कोई नहीं और पीते पीते कभी कभी यूं जाम ने तो तब धूम मचा दी थी।

लीना ने शिखर पर रहते हुए तब फिल्मों से दूरी बना ली जब 1975 में उन्होंने गोवा के सिद्दार्थ बंदोडकर से विवाह रचा लिया। लेकिन सिद्दार्थ का एक साल बाद ही निधन हो गया। तब लीना ने दो चार फिल्में फिर से अनुबंधित कर लीं। इन फिल्मों में एक फिल्म किशोर कुमार के साथ प्यार अजनबी है भी थी। यह फिल्म रिलीज तो नहीं हो पाई लेकिन किशोर कुमार ने फिल्म के शूटिंग के दौरान एक दिन बातों बातों में लीना को शादी का प्रस्ताव दे दिया। इसके बाद लीना 1980 में किशोर कुमार की चौथी पत्नी बन गईं। शादी के कुछ बरस बाद लीना ने दो फिल्में कीं। उधर 1987 में किशोर कुमार के निधन के बाद वह फिर से अकेली हो गईं। अब कभी कभार वह टीवी शो में आती हैं। कुछ अल्बम में गीत भी गा रही हैं। साथ ही वह अपने बेटे सुमित और अमित कुमार के साथ किशोर कुमार की ज़िंदगी पर एक बायोपिक बनाने की तैयारी में भी जुटी हैं।  

(प्रसिद्ध समाचार पत्र ‘लोकमत समाचार’ में 29 अगस्त 2021 को प्रकाशित मेरा लेख कुछ इनपुट्स के साथ)     

- प्रदीप सरदाना

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